
महिलाओं को आर्थिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए आयोजित किए जाने वाले सिलाई, जूट बैग निर्माण और कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर।

बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए युवा स्वयंसेवकों के मार्गदर्शन में संचालित शिक्षण सत्र, खेलकूद और योग शिविर।

बेसहारा और बीमार गोवंश के लिए आश्रय स्थलों का निर्माण, स्वदेशी नस्लों का संवर्धन और गोबर-गौमूत्र से जैविक उत्पाद तैयार करना।

प्रकृति संरक्षण के तहत गंगा घाटों की सफाई, पॉलीथिन मुक्ति के लिए कपड़े के थैलों का वितरण और सघन वृक्षारोपण कार्यक्रम।

युवा पीढ़ी में नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के प्रसार के लिए आयोजित वैदिक संस्कारशालाएं और पावन पर्व उत्सव।

मिट्टी के कुल्हड़ों, मटकों और हस्तनिर्मित जैविक उत्पादों की प्रदर्शनी तथा प्लास्टिक के विरुद्ध जन-जागरूकता अभियान।